
बात करते हैं वर्तमान समाज और इसी समाज में रहने वाले दो बड़े तबके की, हमारा देश भारत कहने के लिए हो विविधता में एकता वाला देश है , पर यहां विविधता मात्र प्रकृति, क्षेत्र और मौसम , जलवायु में ही नहीं है यहां लोग जाति, धर्म, मज़हब, रंग ,रूप इत्यादि में भी बंटे हुए हैं। पर हमारे देश में मात्र एक वर्ग है जो न किसी धर्म का है न किसी जाति का है न सरकारी है न गैर सरकारी है न काला है ना गोरा है। वो है ग़रीब, गरीब कौन गरीब वो जिसके पास दो वक्त की रोटी नहीं, पहनने को कपड़ा नहीं, रहने को घर नहीं पैरों में चप्पल नहीं। हम अपने देश में और विदेश में बड़े से बड़े अरबपतियों के नाम नेट वर्थ सब जानते है याद रखते हैं पर क्या हमने कभी ग़रीब के बारे में चर्चा, उसके उत्थान की बात, उनसे हालत में सुधार की बात की? बहुत छोटा सा उत्तर है "न"
पर, ऐसे समय एक महान संत , शायद आपको ये सही न लगे पर ये सच्चाई है कि एक महान संत ,जिनका नाम है संत रामपाल जी महाराज(सोनीपत, हरियाणा),उन्होंने इन गरीबों की सुध ली है , और हमारे आपके तरह सिर्फ चर्चा, ज्ञान की बात करना, इत्यादि इत्यादि काम नहीं किए बल्कि इनके उत्थान के लिए एक मुहिम चलाई जिसका नाम है ” अन्नपूर्णा मुहिम “
दोस्तों इस मुहिम के तहत संत रामपाल जी महाराज उन सभी व्यक्तियों को जिनके घर कोई आय का साधन नहीं है , जिसके यहां कोई काम करने वाला नहीं है जो दो वक्त की रोटी कमाकर ला सके उनके लिए रोटी, कपड़ा और मकान देने के लिए ये अति आवश्यक मुहिम की शुरुआत की है |
दोस्तों हम सबने अपने आस पास नेताओं को गर्मी में कंबल बांटते और ठंड के संबल बांटते देखा ही है, पर यहां संत जी न तो कंबल दे रहे हैं न संबल, बल्कि हर एक परिवार को प्रत्येक माह रोटी कपड़ा और उनके आवश्यकता अनुसार एक मकान भी बनवाकर दे रहे हैं जिसके लिए संत जी सर खर्च उठा रहे हैं और परिवार को गर्मी सर्दी बरसात से बचने के लिए मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रहे है, संत जी अपने इस मुहिम के तहत हजारों लोगों के पालन पोषण की जिम्मेदारी जीवन भर के लिए उठाई और सैकड़ों लोगों को पूरे भारत भर में आवास प्रदान किए हैं, ध्यान दें ये आवास मात्र ईंट की दीवार और सीमेंट की लागत से नहीं बनी बल्कि उसमें बिजली पानी शौचालय इत्यादि सभी आवश्यक सुविधाओं सहित उस घर को बनवाया है |
हमने कई सारी विडियोज इस पोस्ट में अटैच की जिसे आप देख सकते हैं ,जो इस बात की प्रत्यक्ष प्रमाण है कि भारत देश में जहां मंदिरों और मस्जिदों में अरबों रुपया आ रहा है पर समाज उत्थान का कोई कार्य नहीं हो रहा,उन्हें करोड़ों और अरबों रुपए चंदे और दान के रूप में मिल रहा है और उनमें बैठे लोगों की पूजा ईश्वर और पैगम्बर की तरह हो रही है |
पर समस्या ये है कि ऐसे संत जो ऐसे महान परोपकार का कार्य समाज और देश के लिए कर रहे हैं उन्हें हमने और हम सबकी सरकार ने जेल में कैद किया है।
मित्रों ऐसे सज्जन , महापुरुषों को पलकों पर बैठाना चाहिए और सम्मानित करना चाहिए।
संत रामपाल जी महाराज ने एक वाणी इसी संबंध में कही है ,
” रोटी कपड़ा और मकान, सबको देगा कबीर भगवान “

संत रामपाल जी द्वारा शुरू की गई यह मुहिम अनवरत चलने वाली है जो संत रामपाल जी महाराज द्वारा बनाए गए धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा चलाई जा रही है , जिसके माध्यम से संत जी गरीबों को भोजन, कपड़ा मकान, उनके बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि सारा देखभाल कर रहे है और भोजन के रूप में दाल चावल आटा तेल, नमक , हल्दी, धनिया, चीनी , चायपत्ती, बर्तन, जीरा , मसाला, इत्यादि सभी आवश्यक वस्तुओं को प्रदान करते हैं तथा उन्हें सतलोक आश्रम द्वारा ही व्यवस्थापक का मोबाइल नंबर दिया जाता है यदि कोई सामान कम पड़ रहा है तो उन्हें बताने पर शीघ्र ही आवश्यक वस्तु उनके घर पर पहुंचा दी जाती है,
दोस्तों आज के समय में जब हम पढ़े लिखे नौजवान लोगों द्वारा अपने मां बाप को नहीं पाला जा रहा है , उन्हें भर पेट भोजन देना हमारे समाज में बहुत से मूर्खो को भारी कार्य लग रहा है , इसी समाज में एक ऐसे संत भी है जो गरीबों के मसीहा के रूप में उभर रहे हैं|
ऐसे संत के चरणों में कोटिशः नमन ,
आप सभी का धन्यवाद …..